मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 27 फरवरी से शुरू हो गया हैं. बजट सत्र के दूसरे दिन शिवराज सरकार ने विधानसभा के पटल पर आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट पेश की. इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण आया है. सर्वेक्षण के तथ्य सिद्ध करते हैं कि मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत है. एक तरफ हमने वित्तीय अनुशासन और सुशासन के साथ सर्वसमावेशी विकास किया है, वहीं दूसरी तरफ राज्य के बजट का आकार तथा कर संग्रहण भी लगातार बढ़ा है.

सीएम शिवराज ने आगे बताया कि वर्ष 2022-23 में मध्यप्रदेश की आर्थिक विकास दर में 16.43 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. वर्ष 2001-02 में सकल घरेलू उत्पाद 71,594 करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 13 लाख 22 हजार करोड़ रुपए हो गया है. वर्ष 2001-02 में प्रति व्यक्ति आय 11,718 रुपए थी, आज बढ़कर 1,40,500 हो गई है. 

विपक्ष के आरोपों का जिक्र करते हुए सीएम शिवराज बोले, हम पर अक्सर यह आरोप लगाया जाता है कि हम कर्जा ले रहे हैं लेकिन यदि आप आंकड़े देखेंगे 2005 में ऋण जीएसडीपी अनुपात मतलब जीएसडीपी के अनुपात में जो कर्जा लेते थे, वह 39.5 प्रतिशत था. लेकिन कोविड की कठिनाइयों के बावजूद 2020-21 में घटकर 22.6 प्रतिशत हो गया है.

उन्होंने आगे कहा कि यह अपने आप में सिद्ध करता है कि जीएसडीपी के अनुपात में ऋण का प्रतिशत लगातार घटा है. पिछले साल हमारा पूंजीगत व्यय 37 हजार 89 करोड रुपया था. हमने एक साल में उसको 23.18 प्रतिशत बढ़ाया. अब बढ़कर 45 हजार 685 करोड रुपया हो गया है.

 

आर्थिक सर्वे में क्या है खास, जानिए-

1. पीएम स्वनिधि के पहले चरण के तहत मध्‍यप्रदेश देश में में सबसे आगे. योजनांतर्गत अब तक 5.25 लाख शहरी स्ट्रीट वेंडरों को 521 करोड़ रुपए से अधिक का ऋण वितरित.  

2. सिंचाई क्षमता में बढ़ोतरी से मध्यप्रदेश की कृषि विकास दर में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि. 2003 में सिंचाई क्षमता थी सिर्फ 7 लाख 68 हजार हेक्टेयर, 2022 में बढ़कर 45 लाख हेक्टेयर हुई.

3. हेल्थ बजट 662 करोड़ रुपए से बढ़कर 10,400 करोड़ रुपए से अधिक, पैरा मेडिकल स्टाफ की संख्या में साल 2003 के मुकाबले अब तक 43,500 से ज्यादा की बढ़ोतरी.  

4. देश में कुल गेहूं के निर्यात में मध्‍यप्रदेश की 46 प्रतिशत भागीदारी, बीते वर्षों में गेहूं उत्पादन 169 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 600 मीट्रिक टन के पार.

5. मध्यप्रदेश ने तय किया बिजली गुम प्रदेश से सर प्लस स्टेट बनने का सफर, साल 2003 तक सिर्फ 5,173 मेगावॉट थी ऊर्जा क्षमता, 2022 में 28,000 मेगावॉट हुई. 

6. विगत वर्ष में GSDP में 16.43 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर, जबकि विगत 10 सालों में 319 प्रतिशत की हुई बढ़ोतरी, राज्य सांख्यिकी आयोग भी देश में सबसे पहले एमपी में ही हुआ गठित. 

बजट पर विपक्ष का पलटवार     

राज्यपाल के अभिभाषण पर नेता प्रतिपक्ष के कटौती प्रस्ताव लाने के बयान पर कमलनाथ ने समर्थन करते हुए शिवराज सरकार के नए बजट को राजनीतिक बताते हुए कहा कि ये बजट एक बहकावा है, गुमराह करने का और चुनावी बजट होगा, ये बात स्पष्ट है. उन्होंने विकास यात्रा पर पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी की विकास यात्रा गांव-गांव में नाटक और मनोरंजन का विषय बन गई है.